10 लाख दो दिल्ली पुलिस में सिपाही बनो !

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दिल्ली पुलिस में सिपाही भर्ती के लिए पिछले कुछ दिनों से ऑनलाइन एग्जाम लेने की प्रक्रिया चल रही है। क्राइम ब्रांच को कुछ एग्जाम सेंटर्स पर धांधली की खबर मिली है। क्राइम ब्रांच ऐसे संवेदनशील सेंटर्स को चिन्हित कर उनपर नजर रख रही है। सूत्रों की मानें तो इतनी बड़ी भर्ती को देखते हुए दलाल भी ऐक्टिव हो गए हैं। बताया जा रहा है कि दिल्ली पुलिस में सिलेक्शन के लिए 10 लाख रुपये रेट चल रहा है।

करीब एक साल पहले दिल्ली पुलिस में 4,669 वेकन्सी निकाली गई थीं। इसके लिए देशभर से युवाओं ने आवेदन किया था। एग्जाम देने वाले कैंडिडेट की संख्या एक लाख के करीब बताई जाती है। ऑनलाइन एग्जाम लेने के लिए राजधानी में करीब 150 सेंटर बनाए गए हैं। कैंडिडेट्स अधिक होने की वजह से सेंटरों पर सुबह, दोपहर और शाम की शिफ्ट में एग्जाम लिया जा रहा है। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, क्राइम ब्रांच को पता चला है कि जब से ऑनलाइन एग्जाम प्रक्रिया शुरू हुई है तभी से भर्ती कराने के नाम पर कुछ दलाल ऐक्टिव हो गए हैं। यह भी पता चला है कि मार्केट में सिपाही के लिए 10 लाख रुपये का रेट चल रहा है। क्राइम ब्रांच को दिल्ली के कुछ ऐसे संवेदनशील सेंटर्स के बारे में भी पता चला है जहां पर धांधली हो सकती है। वैसे, एग्जाम के लिए ज्यादातर प्राइवेट कंप्यूटर सेंटर्स लिए गए हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि बीते दिनों डीएसएसएसबी की परीक्षा में भी धांधली की बात आई थी।

दिल्ली पुलिस की परीक्षा काफी अलग है। यह ऑनलाइन आयोजित कराई गई है, जबकि डीएसएसएसबी की परीक्षा ऑफलाइन हुई थी। अफसरों ने बताया कि इन सबके बावजूद उनके पास जो सूचनाएं आ रही हैं, उन्हें गंभीरता से लिया गया है। जो एग्जाम सेंटर संदिग्ध नजर आ रहे हैं, उन पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है।

डमी कैंडिडेट बैठाते हैं दलाल
सूत्रों की मानें तो पेपर लीक कराने के लिए दलाल डमी कैंडिडेट बैठाते हैं। ये कैंडिडेट एग्जाम शुरू होने के बाद किसी न किसी बहाने सेंटर से बाहर निकल आते हैं। जिन सेंटर्स पर डमी कैंडिडेट बाहर नहीं आ पाते, वहां से क्वेश्चन पेपर की फोटो आदि खींचकर सॉल्वर के पास भेज देते हैं। सॉल्वर कुछ ही देर में आंसर-की तैयार कर देता है। आंसर-की को कैंडिडेट तक पहुंचाया जाता है। हालांकि दिल्ली पुलिस के एग्जाम में पेपर लीक नहीं किया जा सकता क्योंकि पेपर कुछ देर पहले ही ऑनलाइन आता है। जिस सिस्टम पर कैंडिडेट आंसर देता है उसमें इंटरनेट कनेक्शन नहीं होता।

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