सरकारी स्कूलों के निजीकरण की योजना बना रही सरकार : दुष्यंत चौटाला

123

सरकारी स्कूलों के निजीकरण की योजना बना रही सरकार : दुष्यंत चौटाला : इनेलो संसदीय दल के नेता दुष्यंत चौटाला ने हरियाणा सरकार पर सरकारी स्कूलों के निजीकरण की योजना बनाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि स्कूलों में अध्यापकों व कर्मचारियों की नियमित भर्ती के स्थान पर निजी कंपनियों की मार्फत अनुबंध आधार पर भर्ती की जाने वाली है। दुष्यंत के अनुसार 19 प्राइवेट कंपनियों को भर्ती की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनमें ज्यादातर कंपनियां गुजरात की हैं।

रोजगार मेरा अधिकार मुहिम चलाएगा इनेलो:

सांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा कि ‘महत्वकांक्षी सक्षम योजना’ की पोल आरटीआई से मिली जानकारी के आधार पर खुल चुकी है। जानकारी के अनुसार 12 जिलों में कुल 2,62,768 युवाओं का पंजीकरण रोजगार कार्यालयों में है, जिसमें से केवल 290 युवाओं को रोजगार मिल पाया है। बेरोजगारों को 100 घंटे रोजगार देने के नाम पर चलाई गई सक्षम योजना के तहत मात्र 9,948 युवकों को ही रोजगार मिला है। सरकार की इस नीति की असफलता को देखते हुए इनेलो जल्दी युवाओं व बेरोजगारों के हकों के लिए ‘रोजगार मेरा अधिकार’ मुहिम चलाएगी।

सांसद चौटाला के अनुसार प्राथमिक स्कूल में जेबीटी शिक्षकों की भर्ती के लिए रिक्त पदों के विरुद्ध एक निजी कंपनी ने विज्ञापन भी जारी कर दिया है। सरकार के इस निर्णय का असर प्राथमिक, उच्च, सेकेंडरी, आरोही व कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों पर भी पड़ेगा। शुरू में ग्रुप सी व डी की भर्ती का जिम्मा निजी कंपनियों को सौंपा गया है। भविष्य में बाकी भर्तियां भी निजी कंपनियों के जरिये कराई जा सकती हैं।

आंगनबाड़ी वर्कर्स की आंदोलन की चेतावनी पर सीएम बोले- अपनी आदत सुधारो

 

तीन हजार पदों पर करेंगी भर्ती :

सांसद ने कहा कि निजी कंपनियां जल्दी प्राथमिक स्कूलों में खाली पड़े तीन हजार पदों पर भर्ती करने जा रही हैं। सरकार के जनविरोधी निर्णय से न केवल रोजगार पाने के समानता के अधिकारों का हनन हुआ है, बल्कि आरक्षण के प्रावधानों की भी अनदेखी की गई है। आउटसोर्सिंग की नीति से हरियाणा स्टाफ सलेक्शन कमीशन व रोजगार कार्यालयों जैसी संवैधानिक संस्थाओं का अस्तित्व भी खतरे में पड़ गया है। प्रदेश में ग्रुप सी व डी की भर्ती के लिए विभिन्न विभागों के लिए हरियाणा स्टाफ सलेक्शन कमीशन है तो फिर निजी फर्मों को करोड़ों रुपये कमीशन देने का क्या औचित्य है?  उन्होंने आशंका जताई कि भर्ती में भाई-भतीजावाद व संघवाद चलने वाला है।

दुष्यंत ने बताया कि शिक्षा विभाग में भर्ती के लिए कंपनियों के साथ सात वर्ष का अनुबंध किया गया है। इस अनुबंध के तहत कंपनियों को कर्मचारी भर्ती करने का अधिकार होगा और इसके बदले में कंपनियों को 2.01 फीसद कमीशन मिलेगा। भर्ती होने वाले कर्मचारियों को एकमुश्त वेतन दिया जाएगा।

KMP एक्सप्रेस वे के नजदीक हरियाणा में बसेंगे चंडीगढ़ से बड़े पांच शानदार शहर

दुष्यंत ने मांग की है कि सरकार स्कूल शिक्षा विभाग में निजीकरण के इस फैसले तुरंत वापस ले, अन्यथा मजबूरन न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा।  उन्होंने कहा कि सरकार की विफलता को देखते हुए इनेलो जल्द ही युवाओं व बेरोजगारों के हक में ‘रोजगार मेरा अधिकार’ मुहिम चलाएगी। उन्होंने मंत्री अनिल विज के खिलाफ 7 जुलाई को हिसार कोर्ट में मानहानि का केस दर्ज कराने संबंधी याचिका दाखिल की जाएगी।

फटाफट ख़बरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर और डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App

Leave A Reply

Your email address will not be published.