SC के फैसले के बाद आज LG से आज मिलेंगे केजरीवाल

142

SC के फैसले के बाद आज LG से आज मिलेंगे केजरीवाल : सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिल्ली के उप-राज्यपाल (LG) के अधिकारों में कटौती करने के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आज (शुक्रवार) को एलजी अनिल बैजल से मिलेंगे. इस मुलाकात में केजरीवाल उनसे दिल्ली के कामों में सहयोगी करने और सुप्रीम कोर्ट के फैसले में दिए गए दिशा निर्देश का पालन समेत कई मुद्दों पर बातचीत करने वाले हैं। इस दौरान उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी मौजूद रहेंगे।

इस बीच, तबादला-तैनाती के केजरीवाल सरकार के आदेश को लेकर एक बार फिर आम आदमी पार्टी (आप) सरकार और नौकरशाहों के रिश्तों में तनाव की स्थिति पैदा हो गई है.

केजरीवाल ने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि यदि उन्होंने तबादले और तैनाती से जुड़े दिल्ली सरकार के आदेश नहीं माने तो उन्हें ‘‘गंभीर परिणाम’’ भुगतने होंगे.

एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली सरकार आदेश का पालन करने से इनकार करने वाले अधिकारियों के खिलाफ अवमानना याचिका दायर करने सहित अन्य कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है. दिल्ली सरकार और केंद्र के बीच सत्ता के वर्चस्व की लड़ाई पर उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद मुख्यमंत्री और एलजी की यह पहली मुलाकात होगी.

सलमान के बॉडीगॉर्ड सेरा की सैलरी क्या मोदी से भी ज्यादा है? जानिए

 

केजरीवाल ने एलजी बैजल को पत्र लिखकर कहा कि ‘सेवा’ से जुड़े मामले मंत्रिपरिषद के पास हैं. केजरीवाल ने यह पत्र तब लिखा जब अधिकारियों ने तबादला और तैनाती के अधिकार एलजी से लेने के ‘आप’ सरकार के आदेश को मानने से इनकार कर दिया. उच्चतम न्यायालय की संविधान पीठ के उस फैसले के बाद केजरीवाल ने यह पत्र लिखा जिसमें एलजी के अधिकारों में खासा कटौती की गई है.

बता दें कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उपराज्यपाल अनिल बैजल को पत्र लिखकर कहा था कि अब तक सभी फाइलें आपको सहमति के लिए भेजी जाती थीं, लेकिन अब नहीं भेजी जाएंगी। मगर सभी निर्णयों के बारे में आपको सूचित किया जाएगा। उन्होंने कहा है कि 3 रिजर्व विषयों को छोड़कर किसी भी अन्य विषय पर उपराज्यपाल की सहमति जरूरी नहीं है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला मंत्रिमंडल और केंद्र सरकार के निर्णय को स्पष्ट करता है। इस बीच मुख्यमंत्री ने उपराज्यपाल से मिलने का समय मांगा और राजनिवास ने उन्हें आज यानि शुक्रवार 3 बजे मिलने का समय दिया है।

केजरीवाल ने उपराज्यपाल को पत्र के जरिए अवगत कराया है:

कि उपमुख्यमंत्री को मुख्य सचिव ने पत्र लिखा है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द नहीं किया है। इसलिए वे केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश का पालन करेंगे। मेरा मानना है कि यह गलत प्रक्रिया है। अगर सेवा विभाग की फाइल उपराज्यपाल के पास जाती है और वे इस पर आदेश करते हैं तो यह कोर्ट की अवमानना का मामला बनेगा। मुझे उम्मीद है कि उपराजयपाल सुप्रीम कोर्ट की अवमानना नहीं करेंगे।

केजरीवाल ने लिखा है कि मैं जनहित के मामलों को दिल्ली में लागू करने में आपका हस्तक्षेप चाहता हूं। दिल्ली सरकार के सभी कर्मचारियों को इसी आधार पर काम करने संबंधी निर्देश जारी हो जाएगा। अगर आप मेरे विचार से सहमत नहीं हैं तो मुझे जानकारी दें। अगर आप सही समझें तो मैं और मेरे सभी कैबिनेट मंत्री इस विषय पर बातचीत करने आपके पास पहुंच जाएंगे।

SC के फैसले के बाद भी : ‘आप’ सरकार का आदेश मानने से सर्विसेज डिपार्टमेंट का इनकार

दरअसल, उच्चतम न्यायालय के ऐतिहासिक फैसले के कुछ ही घंटे बाद दिल्ली सरकार ने नौकरशाहों के तबादले और तैनाती के लिए एक नई व्यवस्था शुरू की जिसमें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को मंजूरी देने वाला प्राधिकारी बताया गया.

बहरहाल, सेवा विभाग ने इस आदेश का पालन करने से इनकार करते हुए कहा कि उच्चतम न्यायालय ने केंद्रीय गृह मंत्रालय की 21 मई 2015 की वह अधिसूचना निरस्त नहीं की जिसके अनुसार सेवा से जुड़े मामले उप-राज्यपाल के पास रखे गए हैं.

क्या है सुप्रीम कोर्ट का फैसला? :

दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार और उपराज्यपाल के बीच काफी लंबे समय से चल रही जंग के बीच आज सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि उपराज्यपाल दिल्ली में फैसला लेने के लिए स्वतंत्र नहीं हैं, एलजी को कैबिनेट की सलाह के अनुसार ही काम करना होगा. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा मिलना मुमकिन नहीं है.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से साफ है कि दिल्ली की चुनी हुई सरकार ही राज्य को चलाने के लिए जिम्मेदार है. फैसले के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी ट्वीट कर खुशी जता दी है, उन्होंने कहा है कि दिल्ली में लोकतंत्र की जीत हुई है. आम आदमी पार्टी लगातार आरोप लगाती रही है कि केंद्र की मोदी सरकार एलजी के जरिए अपना एजेंडा आगे बढ़ा रही है और राज्य सरकार को काम नहीं करने दे रही है.

फटाफट ख़बरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर और डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App

Leave A Reply

Your email address will not be published.