योगी सरकार में बलात्कारों की बाढ़, 7 महीने में चार हजार बलात्कार

योगीराज में तमाम पुलिसकर्मी सिंघम, चुलबुल पांडे बनकर कानून का मजाक बना रहे हैं...

479

योगी सरकार में बलात्कारों की बाढ़, 7 महीने में चार हजार बलात्कार : बहुत हुआ महिलाओं पर वार अबकी बार भाजपा सरकार” को जुमला बनते हुए देखना है तो कुछ दिन उत्तर प्रदेश में गुजारिए, जहां योगी आदित्यनाथ के रामराज्य में बलात्कारी बेखौफ हैं और 7 महीने में बलात्कार की 4000 घटनाएं सामने आई हैं।

कल लखनऊ में एक प्रेस कांफ्रेस में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और पूर्व पुलिस अधिकारियों ने अपराधों में योगी की पुलिस की संलिप्तता पर सवाल ख़ड़े किए।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद एक्शन में केजरीवाल, अफसरों को किया तलब

लोकतंत्र पर हमला :

प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए पूर्व आईजी श्री एस.आर. दारापुरी ने कहा कि मानवाधिकार कार्यकर्ताओं पर प्रशासनिक हमले हो रहे हैं, इस तरह के प्रशासनिक हमले लोकतंत्र पर हमला हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर इस तरह के उत्पीड़नों का प्रतिवाद किया जायेगा।

श्री दारापुरी ने कहा कि एक तरफ गरीब आदिवासी के लिए लड़ने वाली सुधा भारद्वाज और दलित-आदिवासी कार्यकर्ताओं को नक्सली करार दिया जा रहा है तो दूसरी तरफ रिहाई मंच नेता राजीव यादव को धमकी दी जा रही है.

लोकतान्त्रिक अधिकारों पर लम्बे समय से संघर्षरत अरुंधती ध्रुव ने कहा कि रिहाई मंच महासचिव राजीव यादव को धमकाते हुए उनको व उनकी माँ को आजमगढ़ कन्धरापुर थाना प्रभारी अरविन्द यादव गाली दे रहे हैं, वो प्रदेश पुलिस की मानसिकता को बताता है। ऐसे पुलिसकर्मियों पर तत्काल कार्यवाही की जाये। प्रदेश में योगी सरकार आने के बाद महिला हिंसा बढ़ी है पिछले सात महीनों में लगभग चार हज़ार बलात्कार की घटना सामने आयी हैं।

योगी राज में प्रदेश पुलिस बेलगाम हो गयी है :

रिहाई मंच अध्यक्ष मुहम्मद शुऐब ने कहा कि मंच लम्बे समय से इन्साफ के सवाल पर लड़ रहा है और फर्जी मुठभेड़ों के सवाल को मजबूती से लड़ा जायेगा। प्रदेश पुलिस बेलगाम हो गयी है हालात तो यह है की लखनऊ विवि की पूर्व कुलपति व सामाजिक कार्यकर्ता रुपरेखा वर्मा पर फर्जी मुकदमे दर्ज किये जा रहे है. उन्होंने कहा कि इस लड़ाई में रिहाई मंच रुपरेखा वर्मा के साथ खड़ा है.

योगीराज में तमाम पुलिसकर्मी सिंघम, चुलबुल पांडे बनकर कानून का मजाक बना रहे हैं :

राजीव यादव ने कहा प्रदेश के मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि कुछ पुलिस अधिकारी अपराध नही रोक पा रहे हैं जबकि सच्चाई तो यह है कि खुद पुलिस ही अपराध में संलिप्त है। प्रदेश में तमाम पुलिसकर्मी सिंघम, चुलबुल पांडे बनकर कानून का मजाक बना रहे हैं और सम्मानित नागरिकों का जीना दूभर किये हुए हैं।

उपराज्यपाल ने गृह मंत्रालय की अधिसूचना को सही ठहराया, कहा-सेवाएं विधानसभा के दायरे से बाहर

मंच ने मांग की कि जिन मामलों की जाँच हो रही है उसमें शामिल पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से हटाया जाये, इसके बिना निष्पक्ष जाँच संभव नही है.

प्रेस वार्ता को मंच अध्यक्ष मुहम्मद शुएब, पूर्व पुलिस महानिदेशक आरएस दारापुरी, अरुंधती ध्रुव, वरिष्ठ पत्रकार शरद प्रधान, जस्टिस एससी वर्मा, सेवानिवृत्त डीआईजी सैयद वसीम अहमद और महासचिव राजीव यादव आदि ने संबोधित किया.

प्रेसवार्ता में आजमगढ़ कन्धरापुर थाना प्रभारी अरविन्द यादव की धमकी देने वाली कॉल रिकार्डिंग भी जारी की गयी और पीड़ित परिवारों के प्रार्थना पत्रों और उनसे बातचीत का आडियो भी जारी किया गया जिसमें अरविन्द यादव पर कई तरह के गंभीर आरोप हैं.

फटाफट ख़बरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर और डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App
Source Hastakshep

Leave A Reply

Your email address will not be published.