तुम हमें मार सकते हो हमारे विचारों को नही-:लोकेश भिवानी

जानी मानि पत्रकार गौरी लंकेस के मर्डर के बाद देशभर में उनके समर्थन में लाखों लोग खड़े हो गए है , जो सड़को पर आकर सरकार व साम्प्रदायिक ताकतों का विरोध कर रहे है। इसी कड़ी में आज जंतर मंतर पर नॉट इन माय नेम के बैनर पर हजारो की संख्या में विरोध दर्ज करवाने पहुंचे।  जिनमे अनेक अनेक संगठनों के नेता पहुंचे।

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जानी मानि पत्रकार गौरी लंकेस के मर्डर के बाद देशभर में उनके समर्थन में लाखों लोग खड़े हो गए है , जो सड़को पर आकर सरकार व साम्प्रदायिक ताकतों का विरोध कर रहे है। इसी कड़ी में आज जंतर मंतर पर नॉट इन माय नेम के बैनर पर हजारो की संख्या में विरोध दर्ज करवाने पहुंचे।  जिनमे अनेक अनेक संगठनों के नेता पहुंचे।
हरियाणा से छात्र नेता लोकेश भिवानी व जेएनयू से छात्र नेता उमर खालिद भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए।
इन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि गोरी लंकेस की हत्या निष्पक्ष पत्रकारिता व लोकतंत्र की हत्या है। जिसके जिम्मेदार सीधे तौर पर पत्रकारिता से जुड़े वे लोग है जो देशविरोधी ताकतों के हाथों बिक गए है । लोकेश भिवानी ने मीडिया को सम्बोधित करते हुए कहा कि
ये संघी लोग कान खोलकर की ये विचारो की लड़ाई है ,तुम हमसे विचारो से नही जीत पाए इसलिए तुमने उन भाड़े के टट्टुओं का सहारा लिया उस पत्रकार की हत्या के लिए जिसने ओर पत्रकारों की तरह बिकना स्वीकार नही किया , वो लिखती रही उन ताकतों के खिलाफ जो देश को धर्म के नाम पर /भाषा के नाम पर/ जाती के नाम पर यहाँ तक कि खाने के नाम पर भी लोगो के दिमाक में जहर घोलते आए है।
लेकिन शायद तुमने सोच लिया होगा कि इस एक हत्या के बाद इनकी कलम खामोश हो जाएगी और इस जैसे ओर लोग जो बोलते है तुम्हारे हर अन्याय के खिलाफ चुप हो जाएंगे और डरकर घरों में बैठ जाएंगे। लेकिन ये तुम्हारी गलतफहमी है
हमारी साथी गौरी लंकेस की हत्या के बाद हम ओर मजबूती से खड़े हुए है और खुलकर लिखेंगे उस विचारधारा के खिलाफ जो देश को बाटने की कोशिश करेगी।
ओर तुम गोडसे की औलादों याद करो तुम्हारे गुरु ने तो उस समय जब भगत सिंह जैसे नोजवान फांसियों को चूम गए थे देश की आजादी के लिए। तब तुम्हारे गुरु कह रहे थे  की हमारे असली दुश्मन अंग्रेज नही  मुस्लिम,ईसाई, सिख,कम्युनिस्ट आदि है ।

तो तुम लोग अपनी देशभक्ति के सर्टिफिकेट अपने पास रखो । ये विचारो की लड़ाई है दोगलो तुम्हारे बस की बात नही है
तुम अपना गाय /गोबर सम्भालो ओर कृपया करके मेरे देश मे गन्द मत फैलाओ।
कुछ संगठन जो देश को तोड़ने का का। करते है उन्हीने इसे भी जायज ठहराया है और कहा है कि ये एक वध है और यही भगवान को मंजूर था।
ऐसा कहने वाले वे लोग है जो देश के नागरिकों की हत्या पर खुशियां मनाते है और मिठाई बांटते है देश के असली दुश्मन यही है।
लोकेश भिवानी ने कहा कि इन हत्यारो की गोलियों से डरकर हम बोलना बन्द नही करेंगे , जहां गलत होगा जो गलत करेगा, हर अन्याय व शोषण के खिलाफ हम इसी तरह आवाज उठाते रहेंगे ।
तुम हमें मार सकते हो लेकिन हमारे विचारों को नही।

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